IET लखनऊ में सामुदायिक आपदा प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला भव्य रूप से संपन्न
- सेवा भारती अवधप्रांत
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NDRF के मॉक ड्रिल में 631 छात्रों सहित 7 विभागों व 20 जिलों की रही सक्रिय सहभागिता
लखनऊ | 31 जनवरी 2026सेवा भारती अवध प्रांत के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET), लखनऊ तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के संयुक्त तत्वावधान में“युवा एवं सामुदायिक आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण(Community Based Disaster Risk Reduction – CBDRR)”विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला शनिवार को IET परिसर में भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इस कार्यशाला में IET लखनऊ के 631 छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सेवा भारती अवध प्रांत की प्रांत कार्यकारिणी, विभिन्न विभागों से आए विभाग महामंत्री, जिला महामंत्री, तथा जिला एवं विभाग स्तर के आपदा प्रबंधन प्रमुखों ने सक्रिय सहभागिता की।कार्यक्रम में सेवा भारती के कुल 7 विभागों एवं 20 जिलों से आए प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री युधवीर जी(क्षेत्र सेवा प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा प्रबंधन में समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और युवाओं को इस दिशा में प्रशिक्षित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रविंद्र गंगवार जी(अध्यक्ष, सेवा भारती अवध प्रांत) ने की।विशिष्ट अतिथि के रूप मेंडॉ. विनीत कंसल जी,(निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET), लखनऊ)उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप वाजपेयी,(कुलसचिव, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET), लखनऊ),श्री सूर्य प्रकाश तिवारी जी,(आपदा प्रबंधन आयाम प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत)एवं सेवा भारती के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रगति शुक्ला,(सहायक प्राध्यापक, एप्लाइड साइंस विभाग, IET लखनऊ)द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित, प्रभावी एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया गया।







शैक्षणिक एवं विशेषज्ञ सत्र
कार्यक्रम के शैक्षणिक सत्रों मेंडॉ. निखिल गंगवार,(स्ट्रक्चरल इंजीनियर एवं पीएच.डी. – डिजास्टर मैनेजमेंट)ने आपदा प्रबंधन, संरचनात्मक सुरक्षा एवं सामुदायिक भागीदारी पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया।
इसके पश्चातश्रीमती आकांक्षा पांडे,(असिस्टेंट प्रोफेसर, डिजास्टर मैनेजमेंट, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर)ने आपदा आधारित केस स्टडी के माध्यम से छात्रों एवं स्वयंसेवकों को व्यावहारिक एवं उपयोगी ज्ञान प्रदान किया।


NDRF का मॉक ड्रिल बना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दोपहर 2 बजे आयोजित NDRF का लाइव मॉक ड्रिल एवं रेस्क्यू प्रदर्शन रहा।श्री मनोज शर्मा,(उप महानिरीक्षक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल – NDRF)के नेतृत्व में NDRF की प्रशिक्षित टीम ने आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी, प्राथमिक प्रतिक्रिया, बचाव तकनीक, अनुशासन एवं समन्वय का सजीव प्रदर्शन किया।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से छात्रों, स्वयंसेवकों एवं पदाधिकारियों को वास्तविक आपदा परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।






कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं, स्वयंसेवकों एवं सेवा भारती से जुड़े कार्यकर्ताओं मेंआपदा पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, सामुदायिक सहभागिता, नेतृत्व क्षमता एवं सेवा भावनाका विकास करना रहा।



प्रमाण-पत्र वितरण एवं समापन
कार्यक्रम के अंत में छात्र स्वयंसेवकों, सेवा भारती के पदाधिकारियों, वक्ताओं एवं NDRF टीम को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।







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