श्री राम मोहन गुप्ता जी ने एक घंटे में 105 चार-पंक्तियों की कविताएँ सुनाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड, सेवा भारती अवध प्रांत के लिए गौरव का क्षण
लखीमपुर खीरी। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए श्री राम मोहन गुप्ता जी ने एक घंटे में 105 चार-पंक्तियों की मौलिक कविताओं की तात्कालिक रचना कर उनका सस्वर पाठ किया। द बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की वेबसाइट पर उनकी इस उपलब्धि को प्रमाणित रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया है।

श्री राम मोहन गुप्ता जी सेवा भारती अवध प्रांत में प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख का दायित्व भी निभा रहे हैं। प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों और साहित्य के क्षेत्र में हासिल इस उपलब्धि से सेवा भारती अवध प्रांत के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर है।
यह उपलब्धि 2 अक्टूबर 2026 को गोला गोकर्णनाथ, जनपद लखीमपुर खीरी स्थित रॉयल लॉन में आयोजित कपिलाश काव्य कुंभ-4 (छोटी काशी काव्य कुंभ) के दौरान हासिल की गई। श्री राम मोहन गुप्ता जी ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा, त्वरित चिंतन और काव्य अभिव्यक्ति का परिचय देते हुए एक घंटे में 105 चार-पंक्तियों की कविताएँ रचकर सुनाईं।

सेवा भारती अवध प्रांत के लिए गौरव
सेवा भारती अवध प्रांत में प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख के रूप में श्री राम मोहन गुप्ता जी संगठनात्मक प्रशिक्षण एवं कार्यकर्ताओं की क्षमता विकास से जुड़े दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। सामाजिक सेवा और संगठनात्मक कार्यों के साथ साहित्य के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाती है।
उनकी इस उपलब्धि से सेवा भारती अवध प्रांत के कार्यकर्ताओं में हर्ष का वातावरण है। यह उपलब्धि संगठन के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ साहित्य, संस्कृति और सामाजिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के लिए प्रेरणादायक भी है।

रिकॉर्ड विवरण: रिकॉर्ड संख्या MRB-2026-007155 | उपलब्धि: एक घंटे में 105 चार-पंक्तियों की कविताएँ रचकर सुनाना।
आधिकारिक लिंक: https://thebookofworldrecords.com/world-recor
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